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जातिवाद - ओशो की द्रष्टी
जातिवाद - ओशो की द्रष्टी

प्रश्र- हमारे यहां चूकि जातिवाद का राजकरण है-जो हिंदू है, वह हिन्दू को वोट देता है, जो मुस्लिम है व...

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मजदूर के जूते
मजदूर के जूते

मजदूर के जूते, ( मज़ा आखिर किसमें) एक बार एक शिक्षक संपन्न परिवार से सम्बन्ध रखने वाले एक युवा शिष्...

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क्रांति यानी आनंद
क्रांति यानी आनंद

ऐसा होता है कि हम अक्सर दुखी रहना ही चुनते हैं। ऐसा क्यों है कि हमें इतना होश नहीं कि यह हमारा ही च...

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मेरा स्वर्णिम भारत -जीसस भारत में
मेरा स्वर्णिम भारत -जीसस भारत में

ओशो का वह प्रवचन, जिससे ईसायत तिलमिला उठी थी और अमेरिका की रोनाल्ड रीगन सरकार ने उन्हें हाथ-पैर मे...

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